मज़ा और ही कुछ है,

हमको न आप इस कदर खुलके निहारिये। कुछ ताक – झांक हो तो मज़ा और ही…

जिन्दा लाश

जिन्दा हूँ क्या चलती हुई एक लाश, ही समझो। दिन गिन रहा हूँ अब क़ज़ा के…

चाबी,

  क्या ? क्यों ? कब ? कैसे ? परस्थिति जन्य, लिपटा हुआ, कूटनीति से, सफलता…

स्वतंत्रता ,

सैकड़ों ने बलिदान दिये, अपने प्रधान मुखिया को देखा । करोडो को आजादी मिली, बुलेट प्रूफ…

समझौता

मानव और मानवता मानव ने कहा , हे प्रिये , प्राचीन युगों मे अधीर मत होवो।…

तुम जब भी आसमान की ओर देखकर एक तारे को ढ़ूंढ़ते हो…

तुम जब भी आसमान की ओर देखकर एक तारे को ढ़ूंढ़ते हो, मैं तुरंत समझ जाता…

झूठी प्रशंसा,

सुराहीदार गर्दन और कोई ब्रह्मा । हिरणी सी चाल उसमे फूँक, दें प्राण। शराबी आँखे तो…

अफ़वाह

बीमार मैं पड़ा हवा मे बात यूँ उडी । इस सख्स का दुनियाँ से जनाजा निकल…

विवेक सृजना की दिल छू लेने वाली ऐसी कहानी जो किसी को भी भावुक कर देती है —————

पूजा पपनेजा। दुनिया मे कुछ ऐसी कहानियाँ होती है जो मिसाल बन जाती है। असल मे…

होशियारी

मेरी माता ने मुझको सिखाया गर्दन झुकाना। बेटे तुम जीवन की कुछ क्षण की बात है।…