साहित्यक रचनाएँ ;सत्य से निवेदन

    सत्य। तुम एतिहासिक हो। हम तुम्हें अच्छी तरह जानते हैं। मंसूर के हाथ कटने…

गजल ; ये यादें

    भरती कभी नागिन सी हैं फुफकार ये यादें दीमक सी चाटती कभी – कभार…

कविता ; बिन बुलाये मेहमान

  बिन बुलाये मेहमानों की हम बताएं दास्तां , जाने कहाँ से दिख गया मेरे घर…

साहित्यिक व्यंग्य ; क्लास बी अधिकारी

सिर बुद्धिमान है। पैर बलवान है। और पापी पेट बेईमान है। सारी विपदायें पेट पर आती…

साहित्यिक व्यंग्य ; प्रश्नोतर

  एक बार भारत की धरती के सभी जानवरों ने किए कुछ विचार। एकाएक पहुँच गए…

गजल ; हाँ अफसर वो आला है

  सुने बिल्कुल नहीं जो खोल रक्खे मुँह का ताला है। प्रशासक है बड़ा बेजोड़ हाँ…

कविता ; खुशी का रहस्य

आज जोरों की आँधी आई। फिर हुई बारिश। नवजात शीतलता ने खोली आँखें। लोगों को चैन…

कविता ; दर्द

  मस्जिद का जोरदार अजान हो या मंदिर की साधना का मौन तुम्हीं तो कहते हो…

कहानी ; दोधारी तलवार

  पूजा हरीश की पत्नी एक सुन्दर – सुशीला गृहिणी पिछले कुछ दिनों से पड़ोस में…

कविता ; ए. सी. आर.

  अच्छे ए. सी. आर. की फिक्र ने मेरी ढलती उम्र में मेरी नाक पर बिठा…