मुझको नहीं सताओ।

क्या हो गई खता ये मुझको जरा बताओ तुम रूठ करके ऐसे मुझको नहीं सताओ तेरी…

छोटा और बड़ा कवि

फुटपाथी कवि फुटपाथ पर ही मेरी बाहें लेते हैं पकड़ कहते हैं प्रेम से मित्र ,…

बूँदियाँ

पग में पायल बाँधे तब से ये बूंदियाँ नाचती उतरी बड़ी अदब से ये बूंदियाँ जलते…

रहस्य

            जाड़े के मौसम में अपने कार्यालय की युवती सहकर्मी मुझ…

एक लड़के के संघर्ष की कहानी।

पूजा पपनेजा। यह कहानी विनय कुमार की है उनकी उम्र 25 साल है और बहुत छोटी…

सच्चाई

    पुल से दरिया न ये कह पाई है। सैकड़ों नाव तुमने खाई है। एक…

कैसे ?

  शहर बड़ा है घूम लो दिन भर सवाल पूछो नहीं रात बितेगी कैसे ? लिए…

प्रेम वियोग ;  तुम्हें हम भूलना चाहे —– तो हम भूल ना पायेंगे

प्रेम वियोग ;  मीमांसा डेस्क। तुम्हें हम भूलना चाहें तो हम भूल न पायेंगे। तेरी यादों…

आशा

जब साथ न देता कोई मैं निज का हो जाता हूँ। पीड़ा जब सहन न होती…

दूसरा कैसे यहाँ बेईमान है ?

लौट जाते बज्म से खामोश जो हाय उनकी मंच पर क्या शान है ? कल मिला…