प्रेम कविता ; शिकायतें तो बहुत है मुझे तुमसें ——— मगर शिकायत मै करूं कैसे

  शिकायतें तो बहुत है मुझे तुमसें मगर शिकायत मै करूं कैसे ? अपनी हर बात…

विकलांग व्यक्ति के संघर्ष की कहानी

      पूजा पपनेजा। यह कहानी दिल्ली के डाबरी मोड़ के रहने वाली शिवम् शर्मा…

अभिनय

बड़े – बड़े ऋषि मुनियों ने सदा से कहा है ,बेटे। ये दुनिया रंगमंच है हम…

समाज का व्यवहार

  उम्र लग जाती है शोरहत कमाने में , वक्त लगता नहीं इज्जत गंवाने में —…

प्रेम कविता ; दिल क्यों तुझे न चाहते हुए भी ——— बार – बार याद करना चाहता है ?

मीमांसा डेस्क। दिल क्यों तुझे न चाहते हुए भी बार – बार याद करना चाहता है…

दिल की कविता ; जब मेरा दिल धड़कता है तो उसी की यादें आती है।

जब मेरा दिल धड़कता है। तो बस उसी की यादें आती है। जब वह मेरे सामने…

आज ही क्यों दुनिया वाले दुनियादारी निभा रहे है ,

जब जिंदा था , तब किसी ने अपने पास बिठाया ही नही। आज खुद ही मेरे…

जागरूक मतदाता

  कलयुगी राजनेता कल का भविष्य बताते हैं। भोली – भाली जनता को कोई दूजा अक्श…

जाने क्यूँ सच कभी – कभी

जाने क्यूँ सच कभी – कभी कमजोर सा मालूम होता है , मन मेरा भी कभी…

बहुत अब हो गया किस्सा रूठने मनाने का

बहुत अब हो गया किस्सा मनाने रूठ जाने का। फकत अब वक्त आया है किसी ताज़ा…