कविता ; बिन बुलाये मेहमान

  बिन बुलाये मेहमानों की हम बताएं दास्तां , जाने कहाँ से दिख गया मेरे घर…

साहित्यिक व्यंग्य ; क्लास बी अधिकारी

सिर बुद्धिमान है। पैर बलवान है। और पापी पेट बेईमान है। सारी विपदायें पेट पर आती…

साहित्यिक व्यंग्य ; प्रश्नोतर

  एक बार भारत की धरती के सभी जानवरों ने किए कुछ विचार। एकाएक पहुँच गए…

कविता ; खुशी का रहस्य

आज जोरों की आँधी आई। फिर हुई बारिश। नवजात शीतलता ने खोली आँखें। लोगों को चैन…

कविता ; दर्द

  मस्जिद का जोरदार अजान हो या मंदिर की साधना का मौन तुम्हीं तो कहते हो…

कहानी ; दोधारी तलवार

  पूजा हरीश की पत्नी एक सुन्दर – सुशीला गृहिणी पिछले कुछ दिनों से पड़ोस में…

कविता ; ए. सी. आर.

  अच्छे ए. सी. आर. की फिक्र ने मेरी ढलती उम्र में मेरी नाक पर बिठा…

कविता ; खोज

मैंने चिल्लाकर कहा मैं भीम नहीं हूँ। पर वो नहीं माने। धृतराष्ट को लगे मनाने। एक…

कविता ; तीन उपचार

  कल रात मुझे एक मच्छर ने काट लिया सुबह उठते ही जहर को मिटाने मैंने…

गजल ; निम्न कब से हुए ?

हमने दिए शुद्ध घी दूध , स्वच्छ पर्यावरण , निर्मित जल , रमणीया प्रकृति , हरे…