बिन बुलाये मेहमानों की हम बताएं दास्तां , जाने कहाँ से दिख गया मेरे घर…
Category: कुछ नया
साहित्यिक व्यंग्य ; क्लास बी अधिकारी
सिर बुद्धिमान है। पैर बलवान है। और पापी पेट बेईमान है। सारी विपदायें पेट पर आती…
गजल ; निम्न कब से हुए ?
हमने दिए शुद्ध घी दूध , स्वच्छ पर्यावरण , निर्मित जल , रमणीया प्रकृति , हरे…