कलम बहुत दिनों से

कलम बहुत दिनों से रोना भूल बैठी है। दर्द में पलकें भिगोना भूल बैठी है। आंसुओ…

जीवन की जटिलता

तड़पन है छटपटाहट हैं धूप – छाँव की तरह क्षण – क्षण वेष बदलती है अचेतन…

सूरज की पहली किरण

सूरज की पहली किरण जब धरा पर पड़ती है मिट जाता है है निशा का अंधकार…

नहीं मंज़ूर है खोना

तेरा चेहरा , तेरी आंखें तेरे होठों की चहक। तेरा हंसना तेरा गाना तेरे कंगने की…

सिक्किम प्रकृति का वरदान

मीमांसा डेस्क। सिक्किम को भारत के सुन्दर शहरों में से एक माना जाता है और प्रकृति…

सनग्लासेस आंखो के लिए ही नहीं फैशन के लिए भी ज़रूरी

मीमांसा डेस्क आजकल चाहे बच्चे हों या बड़े, सनग्लासेस हर किसी की ज़रूरत बन चुके हैं।…

दिल्ली के खाटू श्याम मंदिर जहाँ भक्तो की लगती है लंबी लाइन

पूजा पपनेजा। दिल्ली मे लोग अलग अलग जगह घूमना पसंद करते है उन्ही मे से सबसे…

एक लड़की के संघर्ष की कहानी।

पूजा पपनेजा। यह कहानी प्रियंका गुप्ता(परिवर्तित नाम) की है उसकी उम्र 29 साल है। वह दिल्ली…

झुँझलाहट

मूसलाधार बारिश बिना छाते का मैं ट्रेन पकड़ने दौडता हुआ गाँव की पगडंडी फिसलन भरी प्लेटफार्म…

सच्चे जीवनसाथी की कहानी

पूजा पपनेजा। यह कहानी दिल्ली के जनकपुरी मे रहने वाले दो जीवनसाथी की है जिनकी उम्र…