प्रेम कविता ; दिल से हम कितना याद करते हैं उन्हें ———— हम कैसे बतायें

मीमांसा डेस्क   दिल से हम कितना याद करते हैं उन्हें हम कैसे बतायें ? हम…

मृत – सत्य

  हर घटना को निपट घटना ही रहने दो संवाद में मत बुनो अर्धसत्य को वरना…

स्वार्थ

मनुष्य के लाभ को धूरी बनाकर प्रकृतिजन्य को परिभाषित करने वाला मनुष्य किसने ये हक दिया…

स्वाध्याय

  तुम्हे कोई अधिकार नहीं है दूसरों के बारे में कुछ भी कहने का कुछ भी…

सुन्दरता और कुरूपता

सुन्दरता और कुरूपता दोनों सगी बहनें। कुरूपता ने चुरा लिए सुन्दरता के गहने। उस दिन से…