कलम बहुत दिनों से

कलम बहुत दिनों से रोना भूल बैठी है। दर्द में पलकें भिगोना भूल बैठी है। आंसुओ…

जीवन की जटिलता

तड़पन है छटपटाहट हैं धूप – छाँव की तरह क्षण – क्षण वेष बदलती है अचेतन…

सूरज की पहली किरण

सूरज की पहली किरण जब धरा पर पड़ती है मिट जाता है है निशा का अंधकार…

नहीं मंज़ूर है खोना

तेरा चेहरा , तेरी आंखें तेरे होठों की चहक। तेरा हंसना तेरा गाना तेरे कंगने की…

सिक्किम प्रकृति का वरदान

मीमांसा डेस्क। सिक्किम को भारत के सुन्दर शहरों में से एक माना जाता है और प्रकृति…

हकीकत

ओ मंदिर के उच्च शिखर। जब तुम्हें देखकर दुनिया याद करती है कभी कभार मुझ आधार…

सनग्लासेस आंखो के लिए ही नहीं फैशन के लिए भी ज़रूरी

मीमांसा डेस्क आजकल चाहे बच्चे हों या बड़े, सनग्लासेस हर किसी की ज़रूरत बन चुके हैं।…

तन किया तुम्हें अर्पण अर्पण

तन किया तुम्हें अर्पण अर्पण मन चमका वन दर्पण दर्पण स्मृति सरवर में देर देर सुधि…

दिल्ली के खाटू श्याम मंदिर जहाँ भक्तो की लगती है लंबी लाइन

पूजा पपनेजा। दिल्ली मे लोग अलग अलग जगह घूमना पसंद करते है उन्ही मे से सबसे…

आप भी हैं कुछ नहीं

आपसे है बेइन्तहाँ मुझको मुहब्बत इसलिए पीठ पीछे भोंकना खंजर लगा मुझको सही लिख रहे हैं…