Dengue है या Viral Fever? शुरूआत में आम आदमी के लिये फर्क करना मुश्किल

लोग वायरल फीवर और डेंगू में फर्क नहीं समझ पाते हैं, जिसके चलते सामान्य बुखार आने पर भी आशंकाओं से घिर जाते हैं। शुरूआत में दोनों बुखार एक जैसे ही होते हैं, इसलिये आम आदमी के लिये इनके बीच फर्क कर पाना मुश्किल होता है।

आमतौर पर वायरल बुखार ठीक होने में 3 से 5 दिन का समय लगता है, जबकि डेंगू से ठीक होने में एक हफ्ते या इससे अधिक वक्त लग सकता है। वायरल में fever के लिये  Paracetamol का प्रयोग करना सही होता है, जबकि बहुत जरूरत होने पर ही एंटीबायोटिक की जरूरत होती है, अन्यथा नहीं।

डेंगू बुखार का पता टेस्ट के बाद ही चलता है। डेंगू में सबसे अधिक प्लेटलेट्स का ध्यान रखना होता है। इसमें किसी भी तरह से डिहाइड्रेशन नहीं होना चाहिये। मरीज को पानी, जूस आदि देते रहना होता है। अगर ब्लीडिंग नहीं हो, ब्लड प्रेशर ठीक हो तो 50 हजार प्लेटलेट्स में भी घबड़ाने की जरूरत नहीं है, लेकिन ब्लीडिंग होने पर प्लेटलेटेस की जरूरत पड़ जाती है।https://vikalpmimansa.com/3105

डेंगू से बचाव के बारे में यही कहा जा सकता है कि अगर हम मच्छर से बचे रहेंगे तो डेंगू से बचे रहेंगे। इसके लिये सामूहिक प्रयास की जरूरत है। सफाई का विशेष ख्याल रखना होगा। अगर हमारा घर साफ है और पड़ोस में गंदगी है ता भी हम उसके प्रभाव से बच नहीं पाएंगे। सावधानी के लिये सफाई रखें, पानी नहीं जमा होने दें। साथ मिलकर डेंगू को हराया जा सकता है।

खासकर दिल्ली जैसी जगह में मौसम तीन-चार बार बदलता है, इसी के साथ वायरल भी इतनी बार होता है। वायरल का असर Allergic Patient पर अधिक होता है, जैसे दमा, डायबिटीज, एवं गर्भवती महिलाओं पर वायरल Fever का असर जल्दी देखने को मिलता है। इनफ्लुएंजा भी इसी तरह प्रभावित करता है।  https://vikalpmimansa.com/3102

बुखार के बाद कमजोरी दूर करने के लिये अच्छा और पौष्टिक खाना खाएं। संतुलित भोजन करें।

नोट- उपर्युक्त बातें विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है, जो केवल सामान्य जानकारी के लिये है। अपनी विशेष स्थिति के लिये चिकित्सक से मिलकर सलाह लें।