संजय एम तराणेकर (कवि, लेखक व समीक्षक) सत्ता के शिखरों पर जो दीपक जलते थे, आज…
Category: साहित्य
सवालों के घेरे में व्यवस्था
नीट का पेपर जब ‘लीक’ हुआ, हरेक सपना जैसे ‘ध्वस्त’ हुआ। अथक मेहनत की रातें ‘रो’…
कविता – बंगाल खुद को फिर से गढ़ रहा…!
बंगाल की ‘धरती’ आज कुछ और कहती है, सदियों की ‘चुप्पी’ जैसे अब टूटती रहती है।…
सोचा कई बार बता दूं वह सारी बातें..
सोचा कई बार बता दूं वह सारी बातें.. जो दिल में चीख-चीखकर गूंजती हैं… मगर हर…
आर्थिक विकास आकलन…!
भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी हैं अर्थव्यवस्था, घरेलू खपत, सुधारों व तेज आर्थिक वृद्धि अवस्था। …
सिंधी अकादमी दिल्ली द्वारा भारतीय सिंधु शक्ति की पेशकश सिंधी नाटक गज फुट इंच का सफल हुआ
सिंधी अकादमी दिल्ली द्वारा भारतीय सिंधु शक्ति की पेशकश सिंधी नाटक गज फुट इंच का सफल…