लक्ष्मीनारायण योगाचार्य [योग गुरु ]
अपने जीवनकाल में हर इंसान चाहता है कि वो स्वस्थ रहें, और बीमार ना पड़े, बल्कि अपने परिजनों, व समाज और अपने शुभचिंतकों को भी स्वास्थ्य के प्रति जगरूक बनाना चाहता है, ऐसे में अब एक सवाल उठता है कि यह आखिर कैसे संभव हो? अगर आप भी ऐसा सोचते है तो कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते है, बशर्तें उसको नियमित और अनुशासित तरीके से आप उसका पालन करें।
- सुबह – जल्दी उठें और ईश्वर का ध्यान करें:
आप कोशिश करें कि सुबह 5 से 6 बजे के बीच आप उठ जाएं, इस बात का भी ध्यान रहे कि इसका आप नियमित तौर पर पालन करे। क्योंकि सुबह जल्दी उठने से आपका दिमाग शांत और ताजगी से भरा होता है, इसलिए जब आप उठें तो सर्वप्रथम अपने हाथ की हथेलियों को देखें, अपने मन ही मन ईश्वर के प्रति कृतज्ञता जताते हुए परमात्मा का स्मरण करें।
- गुनगुना पानी पीकर शौच करें:
आप सुबह उठने के बाद कागासन में बैठकर गुनगुना पानी या चाय की शिप में पीयें, उसके बाद फिर आप शौच जाएं और अपना नित्यकर्म करें।
- शांत और शुद्ध वातावरण:
शौच करने और स्नान करने के बाद आपको योगाभ्यास करना चाहिए, क्योंकि योगाभ्यास के लिए जरूरी है कि आप शांत और शुद्ध वातावरण का चयन करें, वहां पर थोड़ा चलने का प्रयास करें, इससे आपके विचारों की शुद्धता का प्रवाह बढ़ता है।
- सूक्ष्म व्यायाम और हल्का वार्म करें:-
दिन की शुरूआत करने से पहले आप इस बात का ध्यान रखे कि आप अपने शरीर को एकदम से खोलने का प्रयास ना करें,और धीरे-धीरे सूक्ष्म क्रियाओं के माध्यम से दिन की शुरूआत करें, इसमें गर्दन,कंधे,हाथ,छाती,कमर के सूक्ष्म व्यायाम शामिल है ।
- सूर्य नमस्कार:
जब आपका शरीर खुल जाएं तो फिर आप 5 से 10 राउंड सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें, यह आपके पूरे शरीर की कसरत करता है और आपके शरीर का लचीलापन बढ़ाता है।
- आसनों का अभ्यास:
आसनों में ताड़ासन,वृक्षासन और भुजंगासन और बालासन जैसे आसनों का प्रयास करना चाहिए, इन्हें 10 से 15 मिनट तक अवश्य करें ।
- प्राणायाम और ध्यान:
5-10 मिनट नाड़ीशोधन, कपालभाति या भ्रामरी प्राणायाम करें, यह हमारे मन को शांत और शरीर को ऊर्जावान बनाने में सहायक है। और हमारे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को भी बढ़ाते है, इसके अलावा आप हरे – भरे वातावरण में 5 मिनट शांत बैठकर गहरी सांस के साथ ईश्वर का ध्यान करें, यह आपकी मानसिक शांति और आपके विचारों की सकारात्मकता को बढ़ावा देता है।
- पौष्टिक और सुपाच्य आहार:
योगाभ्यास के बाद हल्का और पौष्टिक नाश्ता जिसमे फल, दलिया और अंकुरित अनाज शामिल है, आप उनका सेवन करें।
नोट – यह लेख केवल जानकारी के लिये है अगर आपका शरीर किसी व्याधि,सर्जरी या अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो योगाभ्यास ना करें, बल्कि अपने डॉक्टर से सलाह के बाद ही योगाभ्यास करे।
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