पटना।
राहत सामग्री से लेकर आपदा पीड़ितों को मदद पहुंचाने में एनजीओ की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसकी क्षमता की पहचान करने एवं अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्येश्य से पटना में 13 से 14 मार्च के बीच आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 160 गैर सरकारी संगठन कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
विश्व युवक केन्द्र द्वारा प्रेम यूथ फाउंडेशन एवं श्री कृष्ण विज्ञान केन्द्र, पटना के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का लक्ष्य संस्थागत क्षमता को मजबूत करना, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना, एवं नागरिक समाज और सरकारी संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करके आपदा प्रतिरोधी और समुदाय संचालित भारत के निर्माण पर बल देना है।
इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एवं आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद द्वारा किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आपदा के समय एनजीओ की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। उन्होंने देश भर से आये एनजीओ के प्रतिनिधियों को आह्वान किया कि आपदा के समय सभी को मिलकर काम करना है।
वहीं, आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने कहा कि आपदा पीड़ितों को हर तरह से मदद के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सर्प दंश से मृत्यु पर भी मुआवजा का प्रावधान किया है। दस हजार से अधिक आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में विश्व युवक केंद्र के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी, शिशिर बजाज ने कहा कि विश्व युवक केंद्र देशभर में आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों का सक्रिय रूप से संचालन कर रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से संस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
वही पूर्व कुलपति व प्राचार्य डॉ तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि आपदा के जोखिम को कम करने में पूर्व निर्धारित सूचना काफी असरदार है और इससे बचा जा सकता है ।
इस दो दिवसीय कार्यशाला में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद वारिस खान, यूनिसेफ इंडिया की राज्य सलाहकार पल्लवी कुमारी, श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र पटना के परियोजना समन्वयक श्रीनू अप्पिकोंडा आदि ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। विश्व युवक केंद्र के कार्यक्रम अधिकारी रजत थॉमस और प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी ने भी देश में आपदा प्रबंधन पर दोनों संगठनों द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी साझा की
यह कार्यशाला ज्ञान साझा करने, सहयोग करने और नागरिक समाज संगठनों का एक मजबूत नेटवर्क बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करती है, जो विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप एक सुरक्षित, अधिक लचीले और विकसित भारत की दिशा में योगदान देती है। इस मौके पर फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर प्रेरणा, विजय, केशव कुणाल, प्रियंका शील के अलावा महाराष्ट्र, उत्तराखंड,झाड़खंड,पश्चिम बंगाल,उत्तर प्रदेश, ओड़िसा, मध्यप्रदेश जैसे कई राज्यो के एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।