मीमांसा डेस्क।
महिलाओं व पुरुषों को अक्सर बाल झड़ने की परेशानी रहती है जिस वजह से उन्हें गंजेपन की समस्या, बाल टूटने , जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। इसी समस्या के बारे में बात करते हुए हेयर स्पेशलिस्ट डॉक्टर गौरव गुप्ता ने बताया कि इस समस्या के विभिन्न कारण हैं। बाल एक चत्र में विकसित होते है। पहले ये बढ़ते हैं , रूकते हैं , फिर गिरते हैं। इनमें कुछ प्रतिशत बाल हमेशा गिरने की सूरत में होते हैं , जो आजकल ज्यादा बढ़ गया है। ये सामान्य वजह है , मगर अन्य सूरतों में भी बाल गिरते हैं , जिनमें प्रेगनेंसी के बाद , स्ट्रेस और किसी बीमारी के बाद जो स्ट्रेस आता है , उसके कारण भी बाल झड़ते हैं। बीमारी की वजह से भी बाल झड़ते हैं। इनमें थायरॉइड , और अनीमियां , जैसी बीमारियाँ है।
- महिलाओं व पुरुषों में क्यों बढ़ रही है गंजेपन की समस्या
हेयर स्पेशलिस्ट डॉक्टर गौरव गुप्ता के अनुसार अगर गंजेपन की बात करें तो पुरुषों में अधिकतर गंजापन और महिलाओ में बाल हल्के होने की समस्या अधिकतर पाई जाती है। इन्हें मेल पेटर्न बोल्डनेस और फीमेल पेटर्न बोल्डनेस के नाम से जानते हैं , ये समस्या आनुवांशिक होती है। 40 फीसदी लोग 40 की उम्र के बाद अपने बाल खो चुके होते हैं। खासकर ऐसा पुरुषों में पाया जाता है।
इसी तरह महिलाओ में ज्यादातर गंजापन नहीं होता , आगे से बाल कम हो जाता है। मांग चौड़ी हो जाती है , और बाल गिरने की गति तेज हो जाती है। सामान्य रूप से रूसी के कारण भी बाल झड़ते हैं। ये हर उम्र के लोगों में होता है , जबकि बुढ़ापे में कम होता है।
सिर पर पपड़ी बनने की वजह से भी बाल झड़ते हैं। बालों की जड़ों में कुछ बीमारियों होने से भी बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं , और वहाँ गंजेपन के निशान बन जाते हैं।
ऐसा दो स्थिति में होता है। एक जिसे स्कारिंग कहा जाता है , और दूसरा जो नॉन स्कारिंग के नाम से जाना जाता है। स्कारिंग में बालों की जड़ें हमेशा के लिये खत्म हो जाती हैं , जिसपर बाल फिर नहीं आता , मगर नॉन स्कारिंग में धब्बे की जगह ही बाल चले जाते हैं , फिर दवा से वापस आ जाते हैं।