कविता ; मुझको नहीं सताओ

  क्या हो गई खता ये मुझको जरा बताओ तुम रूठ करके ऐसे मुझको नहीं सताओ…

कविता

जाने आज समंदर मे कौन सा तूफान आया है। जैसे कोई अपना करीबी मिलने आया है।…