पूजा पपनेजा।
दिल्ली में मुफ्त बस यात्रा के लिए पहले कागज के पिंक टिकट जारी किये जाते थे। इस व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने की थी।जिसके तहत दिल्ली में रहने वाली महिला व दिल्ली से बाहर रहने वाली महिला भी इससे आसानी से सफर कर सकती थी।
वही दिल्ली में रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस पिंक टिकट की योजना को बंद कर दिया गया था । इससे बदलकर श्रीमती मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना शुरू की । जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा को डिजिटल प्रणाली से जोड़ना था ।इसका शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2 मार्च 2026 को किया था।
वही उसके बाद सभी बस डिपो में पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। जिसके तहत ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन भी किये जा रहे थे। उसमें महिलाओं का आधार कार्ड उनके मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिये था। वह दिल्ली की निवासी होनी चाहिये थी। वही उसके बाद दिल्ली की महिलाओं ने भी इसमें बढ़ – चढ़कर हिस्सा लिया था । फिर इस योजना को दिल्ली सरकार द्वारा 30 सितंबर तक आगे बढ़ा दिया गया था। जिसमें यह कहा गया था कि जिन महिलाओं ने पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया है वह उसे बनवा लें।
इसके साथ ही अब आपको यह भी बता दें कि दिल्ली में महिलाओं को टिकट लेने के लिये अब पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड दिखाना होता है। बस कंडक्टर उसी कार्ड के द्वारा महिलाओं को टिकट देते है। जो महिलाएं दिल्ली की नहीं है वह टिकट नहीं ले सकती। वही इसके अलावा हमने जब बस डिपो जाकर बस अधिकारी से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के बारे में बात की तो इस दौरान उसने बताया कि अभी दिल्ली में हर जगह पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं बन रहा है। अब दिल्ली के कुछ ही केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध है। जैसे शादीपुर , हरि नगर , मायापुरी , उत्तम नगर , पीरागढ़ी , पंजाबी बाग , जैसे डिपो पर ही यह उपलब्ध है। इनका समय सुबह 8.30 से दोपहर ३.00 बजे तक है।