एसएससी की बड़ी परीक्षाओं में से एक है सीजीएल परीक्षा।

 

मीमांसा डेस्क।

सीजीएल यानि कम्बाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन , जो एसएससी की बड़ी परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में सम्मिलित होनें के लिए छात्र का स्नातक होना अनिवार्य है। जो भी छात्र इस परीक्षा के माध्यम से चयनित होते है , उनको भारत सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति के लिए भेजा जाता है। इसके आवेदक की योग्यता निम्लिखित है।

  • अभ्यर्थी के लिये भारत का नागरिक होना जरूरी है।
  • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्व विधायलय से स्नातक पास होना जरूरी है।
  • सामान्य वर्ग में आयु सीमा 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिये ,
  • सीजीएल के लिए विषय – सामान्य ज्ञान , गणित , अंग्रेजी , तर्कशक्ति इंटरव्यू / स्किल टेस्ट राउंड हैं।
  •  इस विशेष परीक्षा की तैयारी कैसे करें

सिलेबस को अच्छे से जानें बिना की गयी तैयारी कोई विशेष फायदा नहीं पहुंचा सकती क्योंकि हर एग्जाम का पैटर्न और पूछे जाने वाले सवाल अलग – अलग होते हैं इसलिए एसएससी की तैयारी की शुरुवात में ही सिलेबस को अच्छे से समझना जरूरी है। इसके लिए आप सिलेबस के अंतर्गत हर सब्जेक्ट में आने वाले टॉपिक्स को ध्यान से पढ़ें – समझे और उसी के अनुसार तैयारी करना शुरू करें। इस एग्जाम से जुड़ी कोई किताब या गाइड खरीदते समय भी उसे सिलेबस से मिलान करके ही खरीदें ताकि आपका कोई भी टॉपिक छूटे नहीं और तैयारी का ये पड़ाव आप आसानी से पार कर सके।

एसएससी का एग्जाम स्कूल और कॉलेज के एग्जाम से काफी अलग होता है इसलिए इसकी तैयारी के लिए नयी रूपरेखा और रणनीति बनाने की जरूरत होती है। टाइम मैनेजमेंट हर एग्ज़ाम की जरूरत होती है और ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नो को हल करने के लिए भी आपको अपने समय को इस तरह मैनेज करने का अभ्यास करना होगा। ताकि सही समय पर बिना हड़बड़ी और गलती किये पेपर पूरा हल किया जा सके।
सबसे पहले उन प्रश्नो को हल करना चाहिए जो आपको अच्छी तरह से आते हैं और उसके बाद में उन सवालों को देखे जिन्हें लेकर आप थोड़ा असमंजस में हैं वरना हर प्रश्न में उलझने की आदत आपको समय रहते बेहतर प्रदर्शन नहीं करने देगी। इसलिए पेपर हल करने के इस तरीके को अपनी प्रैक्टिस में लाएं ताकि एग्जाम देते समय आप सहज महसूस कर सके।

अगर आप बेहतर स्कोर करना चाहते हैं तो करेंट अफ़ेयर के लिए रोज़ाना एक निश्चित समय निकालना ज़रूरी है जिसमें आप देश – दुनिया से जुड़ी सभी नयी घटनाओं के बारे में जानकारी रख सकें और सिलेबस के इस सेक्शन में बहुत अच्छे अंक ला सकें। सबसे जरूरी बात इस परीक्षा की तैयारी कुछ दिनों या महीनों में नहीं की जा सकती।

इसे पास करने के लिए आपको बहुत सी स्किल्स को सीखना और खुद में विकसित करना होगा इसलिए इसकी तैयारी के लिए पर्याप्त समय लें और नियमित रूप से इसकी तैयारी करें।

सिलेबस को तैयार करने के साथ – साथ प्रैक्टिस सेट के ज़रिये अपनी तैयारी को चेक भी करते रहें और एक फिक्स टाइम – लिमिट में प्रश्नो को हल करने का अभ्यास भी करें। इस एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग होती है इसलिए सोच – समझकर प्रश्नो का उत्तर देने की प्रैक्टिस शुरू कर दें ताकि एग्जाम के दौरान आप ज़्यादा नेगेटिव मार्किंग के शिकार बनने से बच जाएँ।

लिखित परीक्षा पास कर लेने के बाद होने वाले स्किल टेस्ट के लिए भी आपका तैयार होना ज़रूरी है इसलिए परीक्षा होने के बाद ज़्यादा से ज़्यादा समय स्किल बढ़ाने में लगाएं ताकि आपकी की गयी मेहनत आपके लिये मनचाहा परिणाम लेकर आये।