पिंक सहेली कार्ड से सफर हुआ मुश्किल, टिकटिंग मशीन अटकने से महिलाएं परेशान

 

पूजा पपनेजा।

दिल्ली में पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के आने के बाद महिलाओं को सबसे बड़ी परेशानी मुफ्त यात्रा का लाभ लेने में हो रही है। पहले महिलाएं बस में पिंक टिकट लेकर मुफ्त सफर कर सकती थीं, लेकिन अब स्मार्ट कार्ड से यात्रा करने की व्यवस्था लागू होने के बाद कुछ महिलाओं को कार्ड बनवाने, उसे स्कैन कराने और बसों में टिकट लेने के लिये लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जिस वजह से महिलायें बहुत ज्यादा परेशान हो रही है।

वही कही जगहों पर अगर बस कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) अचानक से खराब हो जाये तो तकनीकी खराबी के कारण महिलाओं को टिकट लेने के लिये बहुत परेशान होना पड़ता है। यदि उन्हें टिकट नहीं मिल पाता तो उन्हें टिकट खरीदने के लिये पैसे भी देने पड़ते है।

जब हमने बस में सफर करने वाली एक महिला यात्री से बातचीत की तो बस में सफर करने वाली उस महिला यात्री ने कहा कि बस कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM)अचानक आज खराब हो जाने से उन्हें बहुत परेशानी हुई उन्हें अंत में टिकट खरीदनी पड़ी जिस वजह से उनका समय बहुत अधिक बर्बाद हुआ।

अब आपसे उन महिलाओं की भी बात करते है जो दिल्ली की नहीं है और जिनका स्मार्ट कार्ड भी नहीं बना हुआ है , तो उनके लिये सफर करना और थोड़ा मुश्किल हो जाता है, क्योंकि उन्हें अपने गंतव्य स्थान पर पहुँचने के लिये अधिक पैसे खर्च करने पड़ते है। ऐसे में उन पर आर्थिक बोझ भी अधिक बढ़ जाता है। इस वजह से उन महिलाओं का सफर करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।

अब आपसे दिल्ली की बसों की बात करे तो बस में सफर करने वाली महिलाओं की परेशानी केवल कार्ड तक सीमित नहीं है। बल्कि बस स्टैंड पर जब बस समय पर नहीं आती या बस में चढ़ने के लिए दरवाजे नहीं खोले जाते, तो यात्रियों को बसों के लिये लंबा इंतजार भी करना पड़ता है। ऐसे में उनका समय भी काफी बर्बाद होता है।

नोट – ऐसे में एक बड़ा सवाल उठता है कि यदि बस में मशीन काम नहीं करती या कार्ड रीड नहीं होता, तो महिलाओं को मुफ्त यात्रा का लाभ कैसे मिलेगा?