नई दिल्ली,
पोषण माह के अवसर पर दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में नींव दिल्ली फोर्सेस द्वारा राज्य स्तरीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 70 से अधिक सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं विकास (ECCD), घर के बने पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देना तथा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड एवं पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के बढ़ते उपयोग को कम करने के उपायों पर चर्चा करना था।
16 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश व्यास उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नेशनल फोर्सेस, नापी नेटवर्क, NCCM, राइट टू फूड और नींव दिल्ली फोर्सेस के प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए।
मौके पर डॉ. व्यास ने बच्चों के पोषण, सुरक्षित भोजन और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए सरकार, सामाजिक संगठनों और समुदाय के सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने घर के बने पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने, आंगनवाड़ी एवं क्रेच में भोजन की गुणवत्ता की निगरानी करने तथा दिल्ली में प्रभावी क्रेच नीति बनाने की आवश्यकता का समर्थन किया।
नींव दिल्ली फोर्सेस के संयोजक अवधेश यादव ने बताया कि 32 गैर-सरकारी संगठनों ने दिल्ली के 33 क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां संचालित कीं। इन प्रयासों के माध्यम से 2,622 लोगों तक प्रत्यक्ष और 1,878 लोगों तक अप्रत्यक्ष रूप से पहुंच बनाकर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई।
कार्यक्रम के दौरान नेटवर्क की वेबसाइट का शुभारंभ तथा वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन किया गया। चर्चा में बच्चों के खाद्य अधिकार, पोषण बजट, खाद्य पैकेटों पर स्पष्ट जानकारी, बच्चों को लक्षित खाद्य विज्ञापनों के नियमन और महिलाओं के मातृत्व अधिकारों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में प्रमुख मांगों के रूप में पोषण माह पर नींव दिल्ली फोर्सेस बनाने, छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में सुधार तथा पोषण संबंधी जागरूकता अभियान निरंतर चलाने पर जोर दिया गया। साथ ही दिल्ली के चारों क्षेत्रों में पोषण, खाद्य गुणवत्ता और बाल अधिकारों पर जनसुनवाई आयोजित करने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।