यूं ही जज्बातों से बयां करते हैं ,
यहाँ कोई सबूत भी रखते नहीं।
कुछ रिश्ते सिर्फ दिल में होते हैं ,
हर किसी को यह दिखते नहीं।
खामोशी में भी वो बातें होती हैं ,
हर एक लफ्ज़, कहे जाते नहीं।
कुछ दर्द मुस्कुराहट ओढ़ लेते हैं ,
हर बार आँसू बहाए जाते नहीं।
जो अपने होते सच किल्ल्त में ,
अपना कभी साथ छोड़ते नहीं।
दूर होके भी दिल के करीब रहें ,
ऐसे रिश्ते जन्मों तक टूटते नहीं।
मत पूछो हरके रिश्ते की वजह ,
कुछ एहसास बताए जाते नहीं।
जो एक बार रूह, से जुड़ जाएँ ,
वह हर किसी को मिलते नहीं।
उपर्युक्त पक्तियां लेखक संजय एम तराणेकर द्वारा लिखी गई है।