दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क बढ़ाने की तैयारी,

 

पूजा पपनेजा।

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। इस मौसम में प्रदूषक तत्वों के हवा में जमा होने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिये 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क को बढ़ा रही है। यह व्यवस्था 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इसका मकसद निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर आगे बढ़ाना है। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क फ्री रहेगा।

इसके साथ ही प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ऑफिस की टाइमिंग में भी बदलाव किया जाएगा। वही सरकार का यह भी कहना है कि इससे ट्रैफिक और प्रदूषण के दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में अभी 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। बेड़े में 150 और इलेक्ट्रिक बसें जोड़ने की तैयारी है।

सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। वही दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिये कुछ कदम भी उठाये जायेंगे। जैसे – सड़क किनारे उड़ने वाली मिट्टी और धूल को कम करने के लिए ‘ब्राउन पैच’ विकसित किए जाएंगे। सरकार जन-भागीदारी अभियान के जरिए हरियाली बढ़ाने पर भी काम करेगी। इसका उद्देश्य सड़क किनारे मौजूद मिट्टी और धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।दिल्ली में सड़कों की गहरी सफाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।इस योजना के मुताबिक हर दो हफ्ते में सड़कों की डीप क्लीनिंग की जाएगी। इसका मकसद सड़कों पर जमी मिट्टी और धूल को हटाना है।

इस काम के लिए बनाई गई टीमों में हर गाड़ी पर चार लोग होंगे। इनमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और MCD के प्रतिनिधि शामिल होंगे। दिल्ली पुलिस के साथ भी तालमेल किया जाएगा।

सर्दियों में खुले में जलाने की समस्या से निपटने के लिए ‘जीरो बर्निंग’ पहल के तहत इस बार ‘हीटिंग स्पॉट’ बनाए जाएंगे। अस्थायी शेल्टर में हीटिंग की व्यवस्था होगी। लोगों को ठंड से बचाने के लिए शेल्टर के अंदर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।सारथी ऐप को मिशन मोड में बढ़ावा , सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता देने और मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिल्ली मेट्रो के सारथी ऐप को मिशन मोड में प्रमोट किया जाएगा।