क्यों मशहूर है गोवा

उदयराज सिंह।

भारत के सबसे फ़ेवरेट  हनीमून डेस्टिनेशन गोवा में आपको एक – दूसरे के हाथ थामे कई जोड़े मिल जायेंगे। खूबसूरत समुद्री तट , शानदार मौसम , काजू की मादक फेनी , बेहतरीन नाइट लाइफ और शानदार कसिनो के साथ में हसीन साथी हो , तो कहना ही क्या ?
इसलिए सिर्फ देशी ही नहीं , विदेशी पर्यटकों पर भी गोवा का जादू सर चढ़ कर बोलता है। कहते हैं , कि जो एक बार गोवा आ जाए तो वो बार – बार यहां आना चाहता है।
यहां छोटे – बड़े लगभग 40 समुद्री तट है जिनमें से कुछ समुद्र तट तो अंतराष्टीय स्तर के हैं। दो बीच तो ऐसे है जहां आज भी भारतीयों को जाना वर्जित है वहां सिर्फ विदेशी ही जा सकते हैं। यही वजह है कि गोवा की विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान है।
गोवा के लुभावने समुद्री – तटों की लंबी कतार में अर्जुना बीच , पालोलेम बीच ,मीरामार बीच , बागाटोर बीच , सिंकेरियन बीच आदि प्रमुख हैं।
आमतौर पर गोवा में गर्मी के मौसम में पर्यटकों की भीड़ जुटती है लेकिन जुआरी नदी के मुहाने पर स्थित डोनापाउला बीच और इसके विपरीत दिशा में कोलवा बीच ऐसे सागर तटों में शुमार है जहां पर्यटक विशेष तौर पर मानसून के मौसम में आते है। मंडगांव से 60 किलोमीटर दूर दूधसागर फॉल्स भी मानसून में अपने चरम पर होता है।
मांडवी नदी के तट पर बसे इस शहर में शाम के समय सैलानी रिवर क्रूज का आनंद लेने पहुंचते हैं। मांडवी पर तैरते क्रूज पर संगीत एवं नृत्य के कार्यक्रम में गोवा की संस्कृति की एक झलक देखने को मिलती है। नदी के दूसरे तट पर मछुआरों की रंगबिरंगी मोटर बोट कतार में खड़ी एक अलग दृश्य बनाती है।

गोवा में कसिनो और क्रूज कसिनो भी बेहद लोकप्रिय हैं। क्रूज कसिनो में पर्यटक सिर्फ जुआ खेलने का ही मजा नहीं लेते बल्कि जहाज की विभिन्न मंजिलों पर रेस्तरां , केंडल लाईट डिनर और नाच – गाने का भी भरपूर लुत्फ़ उठाते हैं। दरअसल यहां की सुंदरता के साथ स्वछंद और उन्मुक्त जीवन जीने का तरीका ही खासतौर पर पर्यटकों को गोवा की ओर खींच लाता है।

  •    गोवा के अन्य आकर्षक

 

गोवा की सुन्दरता केवल यहां के सागर तटों तक ही सीमित नहीं है। यहां कई ऐतिहासिक चर्च है जिनमें सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी , होली स्पिरिट , पिलर सेमिनरी , सालीगांव और रकोल सेमिनरी महत्वपूर्ण हैं। इनके अलावा सेंट काजरन चर्च , सेंट आगस्टीन टॉवर , ननरी ऑफ सेंट मोनिका और सेंट एरक्स चर्च भी मशहूर है।
दरअसल चर्चो के इतिहास के बारे में कहा जाता है कि करीब 450 वर्ष के पुर्तगाली उपनिवेश काल में यहां अनेक भव्य चर्च बनाए गए थे , जिनके कारण आज गोवा को भारत का रोम भी कहा जाता है। पूरी दुनिया में गोवा अपने खूबसूरत समुद्र के किनारों और मशहूर स्थापत्य कला के लिए ही जाना जाता है।
गोवा में नॉन – वेजिटेरियन खाना और सी – फ़ूड बेहद लोकप्रिय है लेकिन इन्हें ज्यादातर कॉन्टिडेंटल तरीके से पकाया जाता है। यहां का मुख्य भोजन ही मछली करी के साथ चावल है। कई पर्यटक तो लजीज सी – फ़ूड का मजा लेने ही खासतौर पर गोवा आते हैं। यहां खाना पकाने में व्यापक रूप से नारियल , नारियल तेल और विशेष तरह के मसाले इस्तेमाल किए जाते हैं।

गोवा में सबसे लोकप्रिय पेय फ़ेनी है इसमें भी काजू फ़ेनी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है , जो काजू के पेड़ के किण्वन से बनाई जाती है। नारियल फ़ेनी भी यहां काफी पसंद की जाती है।मिठाई के रूप में यहां सामान्य तौर पर चॉकलेट , केक , पेस्ट्री जैसे यूरोपीय व्यंजन प्रचलित हैं।
गोवा कार्निवाल गोवा के प्रमुख आकर्षणों में से एक है जिसे देखने देश से ही विदेश के कोने – कोने से सैलानी यहां पहुंचते हैं। गोवा कार्निवाल यहां की लोक संस्कृति की एक शानदार झलक पेश करता है। हर बार इसे एक खास थीम से भी जोड़ा जाता है। दरअसल गोवा में इसका चलन पुर्तगालियों के जरिए आया और फिर समय के साथ ये यहाँ की स्थानीय संस्कृति में रच – बस गया। गोवा कार्निवाल तीन दिन चलने वाला गीत – संगीत , रंग – मनोंरजन का त्योहार है। इस दौरान छुट्टी की रंगत हर चेहरे पर छाई रहती है। बेहद प्राचीन होने के साथ – साथ यह बसंत आगमन पर व्यक्त की जाने वाली खुशी का प्रतीक भी है। इस दौरान हर तरफ बस उमंग का सैलाब ही दिखाई पड़ता है। गोवा के मुख्य कस्बों व गांवों की भीड़ भरी गलियों में रंगबिरंगे लिबास और मुखौटे पहने जन – समूह और हवाओं में गूंजता ढोल – मृदंग का संगीत चारों ओर उल्लास का माहौल बनाता है। झाकियों के साथ – साथ स्थानीय कलाकार लोक कलाओं व लोक संगीत का समां बांधते हैं। झांकी में सबसे आगे चलते हैं गोवा के पांरपरिक राजा और उनके पीछे नाचते – गाते लोग।

  •     पार्टी करने के लिए स्वर्ग है गोवा।

 

 

शाम होते ही गोवा , पार्टियों के स्वर्ग में बदल जाता है। यहाँ की पुलिस भी जानती है कि गोवा सुबह 3 बजे जागता है। आपके लिए एक सुझाव है कि गोवा में देर रात को बिना वाहन के इतनी दूर जाने में परेशानी हो सकती है क्योंकि यहाँ आसानी से टैक्सी नहीं मिलती। कैलेंग्यूट बीच के पास उत्तरी गोवा के दो बहुत प्रसिद्ध नाइट क्लब हैं – टीटोस कैफ़े और मैम्बोस कैफ़े। इन जगहों पर गलियों में घूमते हुए आप सड़क किनारे बने किसी भी रेस्ट्रोरेंट और बाद में किफायती खाने के साथ शराब और सभी तरह के संगीत का मजा ले सकते हैं।
पांरपरिक नाइट क्लबों के अलावा बीच पर बनी कुछ छोटी जगहों पर भी अच्छी पार्टियाँ होती हैं , लेकिन लहरों और पुलिस के होते हुए दूर बने बीचों पर जाना बहुत आसान नहीं होता है। यहाँ का भोजन बेहद लजीज होता है और आप बेहतर शॉपिंग कर सकते हैं।

विभिन्न सकलनों पर आधारित।