health news; बारिश में क्यों बढ़ता है Urin Infection? जानिए कारण और बचाव

किसी भी महिला या पुरूष में यूरिन यानि पेशाब में जलन और दर्द की समस्या होती है तो उसे यूटीआई( यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) यानि मूत्र मार्ग संक्रमण से जोड़ा जाता है। बारिश में यूरिनरी इंफेक्शन की समस्या बढ़ जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण वातावरण में नमी का होना होता है। अक्सर मानसून में अधिक पसीना निकलने से कपड़ों में नमी आ जाती है। इसके कारण बैक्टिरिया के बढ़ने और इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होने लगता है। कई बार बाहर का खाना खाने से पेट में इन्फेक्शन की संभावना होती है, वैसे ही यूटीआई की भी संभावना बढ़ने लगती है। ऐसे में बचाव के लिये कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत होती है, जैसे- सूती कपड़े पहनना, लोअर बहुत टाइट नहीं पहनना। हल्के और ढीले-ढाले कपड़े पहनना ज्यादा अच्छा है।

ध्यान रखें कि अगर कपड़े गीले हैं तो हमेशा अपने साथ एक दूसरी ड्रेस भी रखें और उसे बदल लें। पानी भरपूर मात्रा में पियें। इसके अलावा नारियल पानी छाछ जूस, फ्लेवर्ड दूध आदि का भी सेवन करें।

बरसात के मौसम में आप अच्छे और सफाई से बनाये जूस का ही इस्तेमाल करें। अगर ऐसा संभव नहीं हो तो आप फलों- जैसे सेब, नाशपाती आदि जैसे मौसमी फलों का सेवन कर सकते हैं। विडियो यहां देखें-  https://www.youtube.com/watch?v=jLnap1WtEWo&t=29s

यूटीआई की समस्या केवल बारिश के पानी से ही नहीं होती बल्कि स्विमिंग पूल में जहां कई लोग स्नान करते हैं, पानी का व्यवस्थित निकासी नहीं है, वहां से भी महिलाओं में यूरिनल इंफेक्शन की समस्या आ सकती है। यूटीआई से पुरूष भी प्रभावित हो सकते हैं, मगर महिलाओं के यूरेथ्रा(मूत्र मार्ग) का आकार छोटा होता है, जिससे उन्हें संक्रमण आसानी से होता है। इसलिये कई बार सार्वजनिक शौचालय में जाने के कारण भी महिलाएं यूटीआई से ग्रसित हो जाती हैं।

यूटीआई से बचाव

अगर कोई महिला या पुरूष यूटीआई का सामना कर रहे हैं, तो आयुर्वेद में कई ऐसी दवाईयां है, जो आसानी से इसे ठीक कर सकती हैं। लेकिन अगर यूटीआई का इलाज नहीं किया गया तो यह शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

डॉ. रानी गुप्ता के अनुसार मेडिकल भाषा में लंबे समय तक चल रहे यूटीआई को क्रॉनिक यूटीआई बोलते हैं। इसमें कई बार यूरिथ्रल स्ट्रिक्चर(मूत्रमार्ग संकुचन) होने लगते हैं। यूटीआई के कारण यूरेथ्रा नली में अगर लंबे समय तक सूजन रहे तो वहां पर टिश्यूज आपस में चिपकने के कारण स्ट्रिक्चर बनता है, जिससे यूरिन ठीक से पास न होने की या बार-बार संक्रमण होने की समस्या होने लगती है। यही संक्रमण आगे जाकर किडनी के संक्रमण का भी कारण बन सकता सकता है। वहीं स्त्री रोग की बात करें तो महिलाओं में पीआईडी जिसे पेल्विक इंफ्लेमेट्री डिसऑर्डर कहते हैं,  क्रॉनिक यूटीआई, पीआईडी में बदलकर प्रजनन अंग को प्रभावित कर सकता है।

यूरिनरी इंफेक्शन के बारे में उपर्युक्त जानकारी आयुर्वेदिक डॉ. व स्त्रिरोग विशेषज्ञ रानी गुप्ता के द्वारा दी गई है। लेख का उद्येश्य जागरूकता प्रदान करना है। किसी भी व्यक्तिगत सुझाव के लिये विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलें।