ऑनलाइन गेमिंग का लालच पड़ा भारी, दो भाइयों की जिंदगी में आया बड़ा संकट।  

    

आज के समय में ऑनलाइन गेमिंग का चलन युवाओं में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जिस वजह से युवा दिन रात इस खेल में लगे रहते है। क्योंकि उन्हें लगता है कि वह इससे बहुत बढ़ा पैसा कमा सकते है। इसी कारण से वह अपने कर्रियर पर मन नहीं लगाना चाहते है। वही अब आपसे बीते कुछ वर्षों की बात करे तो ऑनलाइन गेमिंग के कारण ही युवाओं की आर्थिक स्थिति भी काफी खराब हो रही है। अब हम आपसे जिस कहानी के बारे में चर्चा करने वाले है। वह दो भाईयों की कहानी है। जो फरीदाबाद के निवासी है। वह ऑनलाइन गेमिंग का बहुत बढ़ा शिकार हुये है।

  •   ऑनलाइन गेमिंग के लालच में फँसे दो भाई।

यह कहानी फरीदाबाद के रहने वाले दो भाईयों की कहानी है। इसमें एक भाई का नाम सुमित और दूसरे का नाम दिनेश था। सुमित के भाई दिनेश को ऑनलाइन गेमिंग खेलना बहुत ज्यादा पसंद था। इसलिये वह अपने काम पर जितने भी पैसे कमाता था। वह अपने सारे पैसे ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर देता था। उसके बदले उससे बढ़कर पैसे मिलते थे।
यही सब देखकर सुमित भी अपने भाई दिनेश से बहुत ज्यादा प्रभावित होने लगा था । उसने भी उससे देखकर ऑनलाइन गेमिंग में पैसे लगाना शुरू कर दिया था । जिसके बाद उसे भी ऑनलाइन गेमिंग में काफी अच्छे पैसे मिलने लगे थे। यही
सब देखकर उसके मन में और भी ज्यादा लालच आ जाता है। वह और भी ज्यादा गेम में पैसे लगाना शुरू कर देता है। जिसके बाद उसे 52००० हजार का बहुत बड़ा नुकसान हो जाता है।
फिर वही एक दिन दुबारा ऑनलाइन गेमिंग खेलने के दौरान अचानक से उसका बैंक अकाउंट भी सीज हो जाता है। वह बहुत ज्यादा परेशान होने लगता है। उसके बाद वह दिनेश को कॉल करके अपने साथ हुये पूरे हादसे की पूरी बात बताता है। वही दिनेश भी इसे सुनकर परेशान होने लगता है। परेशान होने के कारण दोनों भाई इस बारे में सोचने लगते है।
जब अगले दिन सुमित सुबह उठता है तो वह अपने काम पर जाने की तैयारी करने लगता है। वह सुबह तैयार होकर अपने काम पर जाता है तो उसे परेशान देखकर उसके दोस्त उसकी परेशानी की वजह पूछने लगते है। जिसके बाद वह अपने दोस्त मुकेश को पूरी बात बताता है। तभी उसका दोस्त उसको ऑनलाइन पोर्टल पर कंप्लेंट करने की सलाह देता है।

जिसके बाद सुमित अपने दोस्त की बात सुनकर अपने ऑफिस से घर पर आकर सोशल मीडिया में ऑनलाइन पोर्टल के बारे में जानकारी जुटाने लगता है। इसी दौरान वह सोशल मीडिया से जानकारी जुटाने के बाद ऑनलाइन पोर्टल पर अपने साथ गेमिंग के दौरान हुये धोखे की कंप्लेंट करता है। लेकिन उससे भी उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाता।

फिर वही दिनेश अपने भाई के साथ हुये हादसे की पूरी जानकारी अपने दोस्त को देता है। तभी उसका दोस्त इस मामले में उसे एक पुलिसकर्मी का नंबर देता है। जिसके बाद दिनेश उसकी बात पर भरोसा करके उस पुलिसकर्मी को कॉल करता है। अपने भाई के साथ हुये पूरे हादसे की जानकारी देता है।

तभी वह पुलिसकर्मी पूरी बात सुनने के बाद उससे रिश्वत देने के लिये कहता है। उन्हें काम पूरा होने काआश्वासन देता है। जिसके बाद वह दोनों भाई उस पुलिसकर्मी की बात पर भरोसा कर लेते है। उससे ऑनलाइन पैसे भेज देते है।

उसका इंतज़ार करने लगते है। लेकिन उससे भी उनकी कोई सहायता नहीं मिल पाती। फिर सुमित और दिनेश इस बारे में अपने रिश्तेदारों से भी बात करते है , लेकिन वहाँ से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिल पाती।

उसके बाद इसी वजह से उनके घर की आर्थिक स्थिति भी खराब होने लगती है। वह बहुत ज्यादा परेशान होने लगते है।

लेकिन इन सब परस्थितियों के बावजूद वह हार नहीं मानते।अभी भी कोई दूसरा रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे है। लेकिन अभी भी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा।

इस कहानी का सार यही है कि हमें जल्दी किसी पर विश्वास नहीं करना चाहिये और हो सके तो खुद पर भरोसा करके आगे बढ़ना चाहिये। यही आज की युवा पीढ़ी को भी सीखना चाहिये।