क्या एआई से दोस्ती फायदेमंद है ?

 

 

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पहले तो प्रयोग के हिसाब से एआई को दो हिस्सों में बांट लेते हैं। एआई का एक प्रयोग तो है बहुत बड़े पैमाने पर , जहां सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और बहुत सी कंपनियां एआई के प्रयोग से अलग – अलग सॉफ्टवेयर  बनाती हैं। दूसरा है इन डेवलप किए गए एआई सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना।
हम इसी दूसरे प्रयोग पर बात करेंगे कि एआई आधारित अलग – अलग सॉफ्टवेयर और एप्स का इस्तेमाल हम अपने फायदे के लिए कैसे कर सकते हैं।
   

  • शुरुआत करते हैं बच्चों से।

एआई का सबसे बड़ा लाभ पढ़ाई कर रहे बच्चे उठा सकते हैं। एआई के रूप में आज बच्चों के पास हर समय उपलब्ध रहने वाला वर्चुअल टीचर है। कोई चैप्टर समझ नहीं आ रहा है, तो एआई उसे आसान शब्दों में समझा सकता है।

अगर आप इंग्लिश सीखना चाहते हैं , तो एआई आपके साथ प्रैक्टिस कर सकता है। इसके अलावा आप एआई से अच्छी किताबों के बारे में जान सकते हैं।

अच्छा यहीं आती है बात समझदारी से इस्तेमाल करने की। पढ़ाई में आप दो तरह से एआई की मदद ले सकते हैं। 

एक तो ये है कि आप किसी चैप्टर के बारे में एआई से सारांश पूछ लीजिए या किसी किताब के बारे में समरी पूछकर जान लीजिए कि उसमें क्या विषय है। इससे होगा यह कि आपको उस किताब के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी मिल जाएगी। लेकिन इससे आपके ज्ञान में कोई वृद्धि नहीं होगी।

  • इससे अच्छा तरीका क्या है ?

आप एआई से अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से अच्छी किताब सजेस्ट करने के लिए कहिए। वह आपको शानदार किताबों के बारे में बताएगा। आप उस किताब को खुद पढ़िए और पढ़ने के बाद उस पर एआई के साथ चर्चा कीजिए।

इससे आप अपनी समझ और प्रतिभा बढ़ा सकते हैं। कहने का मतलब यही है कि एआई का शॉर्टकट के लिए नहीं , बल्कि मार्गदर्शक के रूप में प्रयोग कीजिए।

इसी तरह , एआई आपको प्रोजेक्ट आइडिया दे सकता है। नोट्स तैयार करने , असाइनमेंट बनाने और प्रजेंटेशन बनाने में एआई की मदद से आपका समय बच सकता है।

अगर किसी कम्पटीटिव एक्जाम की तैयारी कर रहे हैं , तो एआई से मॉक टेस्ट पेपर बनवाकर अपनी तैयारी को परख सकते हैं।

साथ ही टाइम मैनेजमेंट कर सकते हैं। कुल मिलाकर बस यह ध्यान रखिए कि एआई का प्रयोग कॉपी पेस्ट के लिए नहीं, बल्कि समझकर सीखने के लिए करना है।

अच्छा एआई के इन प्रयोगों को देखकर आप सोचेंगे कि फिर तो एआई ने अध्यापकों की जगह ले ली। ऐसा बिल्कुल नहीं है। एक अध्यापक के तौर पर भी आप एआई का इसी तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। हर बच्चा एआई का प्रयोग करने में सक्षम नहीं है।

  • ऐसे में बच्चों के लिए असाइनमेंट चुनना , प्रोजेक्ट के टॉपिक देना , पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए दुनियाभर के आजमाए हुए बेस्ट तरीकों के बारे में एआई से डिस्कस करना और उन्हें अपने पढ़ाने के तरीके में शामिल करना , ऐसे बहुत से रास्ते हैं , जिनसे एआई आपको एक बेहतर अध्यापक बनने में मदद कर सकता है।
  • इसी तरह बात करते हैं, प्रोफेशनल्स की।

जॉब करने वाले एआई की मदद से काम को फास्टर और स्मार्टर बना सकते हैं। एआई की मदद से ईमेल जल्दी लिखना , रिपोर्ट्स तैयार करना , मीटिंग समराइज करना और डाटा को समझना आसान हो सकता है।

आप अपने काम को बेहतर तरीके से करने के लिए एआई से आइडिया डिस्कस कर सकते हैं। इससे प्रोफ़ेशनल लाइफ में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

बिजनेस के लिहाज से देखें , तो एआई आपके संसाधनों और जरूरत को समझते हुए आपको बिजनेस आइडिया दे सकता है। किसी बिजनेस को बढ़ाने के तरीके बता सकता है।

आज के समय में ऑनलाइन बिजनेस बढ़ाने में भी एआई से बहुत मदद मिल सकती है। अगर आप खोजेंगे तो ऐसे कई उदाहरण मिल जायेंगे , जहां लोग एआई से आइडिया डिस्कस करके बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं।

पढ़ाई और काम – काज में ही नहीं , बहुत से घरेलू मामलों में भी एआई मददगार है। एआई की मदद से घर का बजट प्लान करना , हेल्थ और डाइट के टिप्स लेना भी समझदारी भरा कदम है।

घर के बुजुर्ग दवाओं का रिमाइंडर लगाने , हेल्थ मॉनीटरिंग करने से लेकर ऑनलाइन कंसल्टेशन तक कई तरह से एआई का लाभ ले सकते हैं।
कुछ मिलाकर यह देखा जा सकता है कि जीवन के हर पहलू में समझदारी से एआई का इस्तेमाल करना आपको फायदा पहुंचा सकता है।
कम समय में ज्यादा काम यही इनकी ताकत है।
 

  •  याद रखिए – एआई आइडियाज दे सकता है , लेकिन असली रचनात्मकता अब भी इंसान की ही ताकत है।
     
  • एआई हमारे काम को खत्म करने नहीं आया है बल्कि काम करने का तरीका बदलने आया है।
       
  • जो लोग इसे सीखेंगे , वो आगे बढ़ेंगे।
  • और जो इससे दूर रहेंगे ,उन्हें पीछे छूटने का डर रहेगा।
  • अब सवाल ये नहीं है कि एआई आएगा या नहीं बल्कि सवाल ये है  हम एआई के साथ चलेंगे या पीछे रह जायेंगे ?
    अब आप सोच रहे होंगे  ये सब तो ठीक है , लेकिन शुरू कैसे करें ? तो चलते – चलते इस पर भी बात कर लेते हैं। एआई का इस्तेमाल बहुत आसान है।
  •  अपने मोबाइल में एआई  बेस्ड एप डाउनलोड करें। इससे बिलकुल उसी तरह सवाल पूछें , जैसे किसी मनुष्य से पूछते हैं। छोटी – छोटी बातों से आप खुद ही इससे सही सवाल पूछना सीख जायेंगे।
    याद रखिए 
  • एआई का सीखने के लिए इस्तेमाल करें , न कि मेहनत से बचने के लिए
  • एआई कोई जादू नहीं है  ये एक ऐसा साथी है , जो आपको आगे बढ़ने में मदद करता है।
  • बस जरूरत है  पहला कदम उठाने की।
  • सच कहें तो  एआई से डरना स्वाभाविक है लेकिन हमें समझना होगा –
  •  एआई इंसान नहीं है।
  •  इसके पास  भावनाएँ  नहीं हैं।
  •  ये खुद से फैसले नहीं लेता ।
  • ये वही करता है , जो हम उसे सिखाते हैं , यानि कंट्रोल हमेशा इंसान के पास ही रहेगा।
  • आने वाला समय एआई का है  लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि इंसान की जरूरत खत्म हो जाएगी बल्कि नई – नई स्किल्स की जरूरत होगी।
  •  रचनात्मकता , निर्णय लेना और भावनाओं को समझना , ये सब एआई कभी रिप्लेस नहीं कर सकता। एआई और इंसान मिलकर बेहतर दुनिया बना सकते हैं।
  • जब एआई और इंसान साथ काम करेंगे, तो दुनिया और बेहतर बनेगी।
     
  • हेल्थकेयर बेहतर होगा।
  • शिक्षा आसान होगी।
  • काम तेज और आसान होगा।
  • एआई को देखकर ये मत सोचिए  ये मुझे रिप्लेस कर देगा , बल्कि सोचिए  ये मुझे इम्प्रूव कर सकता है।
  • हर नई चीज अपने साथ डर और अवसर , दोनों लाती है।
  • एआई भी ऐसा ही है।
  • आप चाहें तो इससे डर सकते हैं  या फिर इसे अपना दोस्त बना सकते हैं।
    फैसला आपका है।

उपर्युक्त सुझाव तकनीक विशेषज्ञ व वरिष्ठ पत्रकार अमित तिवारी द्वारा दिये गये है।