तुम पास रहो तो दिल मुस्कुराता है,
तुम दूर रहो तो दिल तुम्हें बुलाता है।
तुम्हारी एक मुस्कान की खातिर,
ये दिल हर पल सजता-सँवरना चाहता है।
तुम्हारी बातों में कुछ ऐसा असर है,
जैसे बारिश में मिट्टी की खुशबू का सफ़र है।
तुम साथ चलो तो रास्ते आसान लगते हैं,
तुम बिन ये पल भी कुछ वीरान लगते हैं।
न चाँद चाहिए, न सितारों की चाहत,
बस चाहिए तुम्हारी थोड़ी-सी मोहब्बत।
उम्र भर यूँ ही मेरा हाथ थामे रखना,
मेरी हर खुशी में अपना नाम याद रखना।
उपर्युक्त कविता प्रकाश गुप्ता द्वारा लिखी गई है।