पूजा पपनेजा।
जाने अनजाने हम मिले एक पारिवारिक ड्रामा शो है। इस शो की कहानी अट्टे-सट्टे की परम्परा पर आधारित है ।शो की प्रोड्यूसर और राइटर सोनल कक्कड़ हैं। शो की शुरुआत 2024 में हुई थी। वही इस शो में भरत अहलावत, आयुषी खुराना , मुख्य किरदार में है वह रीत और राघव का किरदार निभा रहे है। इसमें राघव की बुआ का किरदार निभाने वाली एक्टर का नाम जया भाटिया है।
वही अब आपसे इस कहानी के बारे में बात करे, तो इसमें आयुषी खुराना रीत का किरदार निभा रही है। वह ग्वालियर की एक कड़े उसूलों वाली आत्मनिर्भर पत्रकार हैं, जो समाज की स्थापित परंपराओं को चुनौती देती हैं।
वही दूसरी तरफ भरत अहलावत राघव का किरदार निभा रहे है। वह पेशे से कंस्ट्रक्शन बिज़नेसमैन है। वह अपनी बहन से बहुत प्यार करते है। इसलिये वह अपनी बहन की शादी रीत के भाई ध्रुव से करा देते है। उसके बदले वह रीत से शादी कर लेते है। इस तरह से अट्टे-सट्टे की यह परम्परा कामयाब हो जाती है।
वही शो में राघव की बुआ के किरदार की बात करे तो वह इसमें एक नकरात्मक रोल निभा रही है क्योकि शो में वह नहीं चाहती कि रीत और राघव का रिश्ता मजबूत हो । वह राघव की पूरी दौलत को हड़पना चाहती है, इसलिए वह नयी नयी तरह की चाले चलती रहती है।
अब आपसे इस कहानी के बारे में बात करे तो आपने अभी तक देखा होगा, कि रीत इस शो में गर्भवती होती है वह अपने और राघव के लिये एक ट्रिप पर जाने का विचार बनाती है। जिसमे वह दोनों एक दूसरे के साथ घूमने जाते है। उसमें वह दोनों एक दूसरे के साथ बहुत अच्छा समय व्यतीत करते है। तभी राघव की बुआ गर्भवती रीत के खिलाफ एक साजिश रचती है।
जिसमे वह रीत को मारने के लिये अपने गुंडे भेजती है। तभी जब रीत सो रही होती है , उसे अचानक से अपने कमरे के बाहर कुछ लोगों की आवाजें सुनाई देने लगती है। फिर उसके बाद वह अपने कमरे का गेट खोलती है तभी वह गुंडे रीत के ऊपर हमला कर देते है जिसके बाद गर्भवती रीत अपनी जान को बचाने के लिये भागती रहती है ।
उसके साथ वह राघव को भी कॉल करती रहती है, लेकिन राघव अपनी कंपनी में बिजी होता है वह रीत का कॉल नहीं उठा पाता। उसके बाद रीत की हालात ज्यादा खराब होने लगती है। वह अपने घर के पास के एक हॉस्पिटल में भागती है, फिर वह वहाँ जाकर बेहोश हो जाती है।
तभी वहाँ के डॉक्टर रीत को भर्ती कर लेते है, उसके बाद हॉस्पिटल वाले कॉल पर इस घटना की जानकारी रीत के घरवालो को देते है। फिर रीत के घरवाले जब हॉस्पिटल आते है तो वहाँ के डॉक्टर उनसे कहते है, कि रीत और उसके बच्चे की हालत नाजुक है।
तभी राघव का छोटा भाई रीत की गम्भीर हालत की जानकारी राघव को देता है, यह सब सुनकर राघव परेशान हो जाता है। उसके बाद वह रीत के पास जाता है। तभी राघव की बुआ हॉस्पिटल की नर्स को पैसे का लालच देती है , जिसमें वह नर्स से कहती है कि रीत के घरवालो को वह यह कहे , कि रीत का बच्चा मर चुका है।
उसके बाद वह उस हॉस्पिटल से उस बच्चे को चुराकर भाग जाती है। उस बच्चे को पालने के लिये वह अपने पास एक घरेलू सहायिका रखती है। वही रीत को जब डॉक्टरों द्वारा यह जानकारी मिलती है कि उनका बच्चा मर चुका है ।
तो यह सब सुनकर रीत सदमे में चली जाती है। ऐसे में राघव भी पूरी कोशिश करता है, कि वह रीत को इस सदमे से बाहर निकाल पाए। लेकिन, वह उसमे कामयाब नहीं हो पाता।
तभी एक दिन उस घरेलू सहायिका की मुलाकात अचानक राघव से होती है तब राघव उस बच्चे को देखकर कुछ पैसे उस महिला को दे देता है। जिससे देखकर उस घरेलू सहायिका के मन में लालच आ जाता है वह उस बच्चे को कमाने का जरिया बनाने का सोचती है।
इसलिये वह एक दिन उस अनजान जगह से भागकर उस बच्चे को लेकर अचानक राघव के घर पहुँचती है। उससे झूठ बोलकर कहती है कि इस बच्चे के माता पिता मर चुके है।
यह सब देखकर राघव रीत के मन में उस बच्चे को देखकर तरस आ जाता है वह उसे अपने पास रख लेते है।
जिसके बाद राघव की बुआ यह सब देखकर बहुत ज्यादा घबरा जाती है उसके बाद वह नयी साजिश करने का विचार बनाती है। वह उस घरेलू सहायिका को वापिस जाने के लिये कहती है लेकिन, वह अपने लालच के कारण वहाँ से नहीं जाती।
वही राघव और रीत भी इस बच्चे से अपना जुड़ाव महसूस करने लगते है, जिसके बाद रीत इस बच्चे को गोद लेने का सोचती है। उसी के लिये वह एक दिन अपने घर में बच्चे के नामकरण की पूजा भी रखवाती है ।
तभी उसकी बुआ वहाँ एक नयी साजिश रचती है जिसमे वह दो अनजान लोगों को रीत के सामने उस बच्चे का माता पिता बनाकर लाती है। यह सब देखकर रीत फिर से टूट जाती है।
जिसके बाद वह दोनों अपना दूसरे बच्चा करने का विचार बनाते है। उसके बाद वह इस परिस्थिति को देखते हुए दोनों डॉक्टर से मिलने का सोचते है।
जब वह डॉक्टर से मुलाकात करते है, तो डॉक्टर उन दोनों को जाँच करवाने की सलाह देती है। ऐसे में वह हॉस्पिटल जाकर दोनों अपना चेकअप करवाते है। तब जाँच में पता चलता है कि रीत कभी माँ नहीं बन सकती। वह दोनों यह सब सुनकर टूट जाते है। तभी वह दोनों एक साथ मंदिर में जाते है।
उसमें वह माता रानी के आगे अपने बच्चे के लिये प्रार्थना करते है। तभी एक आदमी उस बच्चे को मारने की कोशिश करता है। लेकिन , वह उसे मार नहीं पाता ।
वहाँ के लोग अचानक यह सब देखकर मंदिर के बाहर शोर मचा देते है। उसके बाद रीत और राघव को भी उनकी आवाजें सुनाई देने लगती है। वह मंदिर से बाहर आ जाते है, उस बच्चे को मंदिर के बाहर देखते है उससे अपने घर पर ले आते है।
जिसके बाद वह जब उस बच्चे को अपने घर पर लेकर आते है तो वह उसे बहुत प्यार करते है उसके बाद राघव की बुआ यह सब देखकर जलने लगती है। वह रीत और राघव को उस बच्चे से अलग करने की कोशिश करती है।
अब आपसे अगले एपिसोड़ के बारे में बात करे तो आप देखेंगे, कि राघव की बुआ रीत व राघव को एक दूसरे से अलग करने के लिये कुछ नयी चालें चलेगी। वही उन दोनों का बच्चा उन दोनों की दूरियों को कम करेगा ।
इस शो मे अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राघव की बुआ रीत व राघव के रिश्ते को खत्म करने के लिए नयी चाल चल पाएगी।