संजा – मिट्टी की खुशबू का पर्व

  हाँ, कच्ची दीवारों पर जब, संजा मुस्कुराती थी, मिट्टी-गोबर-फूलों से बेटियाँ दुनिया सजाती थीं। नन्ही-सी…