पूजा पपनेजा।
हमारे जीवन में कही ऐसी कहानियाँ ऐसी होती है। जो हमारे जीवन को बदल कर रख देती है। अब हम आपसे जिस कहानी के बारे में चर्चा करने वाले है। वह ऑनलाइन गेमिंग के लालच का शिकार हुये दो भाईयों की कहानी है।
- ऑनलाइन गेमिंग के लालच ने किस तरह से दो भाइयों को पहुंचाया मुसीबत में।
यह कहानी फरीदाबाद के रहने वाले दो भाईयों की है। जिसमे एक भाई दिनेश को ऑनलाइन गेम खेलने का बहुत ज्यादा शौक था। इसलिये वह रोजमर्रा गेम में पैसा लगाकर गेम खेलता था।
यही सब देखकर दिनेश के भाई सुमित के मन में भी एक दिन लालच आ जाता है । वह भी उसे देखकर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू कर देता है। जिसके बाद अगले दिन ही उसका बैंक अकाउंट ऑनलाइन गेम वाले सीज करवा देते है।
उसके बाद सुमित बहुत ज्यादा परेशान होने लगता है। तभी वह यह सारी बातें अपने पड़ोसी मुकेश को बताता है। वह उसे ऑनलाइन शिकायत करने की सलाह दे देता है। फिर सुमित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर इस बारे में शिकायत करता है। लेकिन उससे भी वहां उसे कोई मदद नहीं मिल पाती।
तभी एक दिन उसके भाई दिनेश को उसका दोस्त एक पुलिसकर्मी का नंबर देता है। जिसके बाद दिनेश उस पुलिसकर्मी को कॉल करके इस पूरी घटना के बारे में जानकारी देता है। वह अपने भाई के लिये उस पुलिसकर्मी से मदद मांगने लगता है।
लेकिन वह पुलिसकर्मी उनसे कहता है कि आप मुझे 3000 रुपए दें दो। मै आपका काम करवा दूँगा। तभी वह दोनों उस पुलिसकर्मी को ऑनलाइन पैसे भेज देते है।
वह पुलिसकर्मी उनसे कहता है कि तुम अभी दोनों थोड़ा इंतज़ार करो। वह दोनों भाई इंतज़ार करने लगते है। फिर जैसे जैसे समय बीतने लगता है। वह दोनों भाई उस पुलिसकर्मी को कॉल करते है। लेकिन वह उनका कॉल नहीं उठाता। इस तरह से उन दोनों के साथ बहुत बड़ा धोखा हो जाता है।
यही वजह उन दोनों के घर की परिस्थितियां खराब होने की बनती है। जिसके बाद वह दोनों बहुत ज्यादा परेशान होने लगते है। लेकिन फिर भी वह दोनों उन परस्थितियों में भी हार नहीं मानते।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें हर किसी पर जल्दी विश्वास नहीं करना चाहिए। अपनी समस्या से बचने के लिये गलत रास्ता नहीं अपनाना चाहिये। यही आज की पीढ़ी को सीखना चाहिये।
नोट – यह आर्टिकल केवल जागरूकता के लिये है। इस आर्टिकल का उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत पहुँचाना नहीं है।