लक्ष्मीनारायण योगाचार्य।
आजकल मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कम उम्र में भी लोगों को चश्मा लगने की समस्या बढ़ रही है. ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या योग और आंखों के व्यायाम से चश्मे का नंबर कम किया जा सकता है? आइए जानते हैं इस विषय पर विशेषज्ञों की राय और किन योग अभ्यासों से आंखों को फायदा मिल सकता है।
- आंखों के लिए फायदेमंद योग और अभ्यास
- त्राटक
त्राटक विधि योग की एक अहम क्रिया है. इससे किसी स्थिर बिंदु, दीपक की लौ या किसी वस्तु पर बिना पलक झपकाए कुछ समय तक ध्यान केंद्रित किया जाता है. इस क्रिया के माध्यम से मानसिक और शारीरिक एकाग्रता बढ़ाने के साथ ही आंखों की मांसपेशियों को सक्रिए रखने में मदद करता है।
- पाल्मिंग
सबसे पहले दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्की गर्माहट महूसस करें, और उसके बाद बंद नेत्रों पर इसे रखें, परिणामस्वरुप आपको आंखों को इसे आराम मिलता है और लंबे समय तक स्क्रीन देखने में होने वाली थकान से राहत मिलती है।
- आंखों की दिशा बदलने का अभ्यास
सर्वप्रथम अपनी नेत्रों को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे रोटेट करें, ऊपर-नीचे घुमाए का अभ्यास करें. यह अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को एक्टिव रखने में मदद करता है. ध्यान रहें बिना किसी दवाब के यह प्रेक्टिस करते रहिए. इसे योग की भाषा में सूक्ष्म क्रिया कहा जाता है।
- गहरी सांस और ध्यान
प्राणायाम तथा ध्यान तनाव कम करने में मदद करते हैं. तनाव कम होने से आंखों पर पड़ने वाला दबाव भी कम महसूस हो सकता है।
- आंखों की सेहत के लिए अपनाएं ये आदतें
- हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर देखें (20-20-20 नियम)
- .संतुलित आहार में हरी सब्जियां, गाजर, फल और विटामिन A, C व ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- .पर्याप्त नींद लें,लंबे समय तक स्क्रीन देखने के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लें।
- . नियमित अंतराल पर नेत्र विशेषज्ञ से आंखों की जांच कराते रहें।
नोट – यह लेख केवल जागरूकता के लिये है अगर आपको हेल्थ से संबंधित कोई भी समस्या है तो अपने डॉक्टर से परामर्श करे।