मां , शब्द सुनकर आ जाती है सबके चेहरों पर उमंग ,
खिल उठते हैं सबके चेहरों पर खुशियों के रंग।
जब कभी घर में पापा डाँटते या मारते हैं ,
फिर माँ के कहने पर दुलारते हैं।
माँ को हर बार दो सम्म्मान ,
गिरने न दो उनका मान।
माँ का है पूरी दुनियाँ में नाम ,
क्योंकि वह खुशी से करती है सारे काम।
जब हमें कोई खरोंच आती है ,
आँखें नम माँ की भी हो जाती है।
माँ , तू है आसमान का एक ऐसा सितारा ,
जो निकालती है हर समय खुशियों का पिटारा।
माँ है भगवान का दिया सबसे बड़ा तोहफा ,
कभी मत देना उसे कोई भी धोखा।
उपर्युक्त पक्तियां इशित कुमार द्वारा लिखी गई है।