Jharkhand News: डीएलएसए की पहल से मानसिक अक्षमता से पीड़ित महिला और बच्ची को मिला उपचार और संरक्षण

सुकांति साहू,

सरायकेला खरसावां।

सरायकेला-खरसावां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण(डीएलएसए) ने एक बौद्धिक रूप से अक्षम महिला तथा उसकी लगभग दो वर्षीय बच्ची को आवश्यक चिकित्सा एवं संरक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

दरअसल, नए बस स्टैंड, सरायकेला के समीप उक्त महिला अपनी दो वर्षीय बच्ची के साथ असहाय अवस्था में घूमती हुई पाई गई। इस संबंध में पारा विधिक स्वयंसेविका (पीएलवी) तारामनी बंदिया ने तत्काल डीएलएसए के सचिव तौसीफ मेराज को सूचना दी। सूचना मिलते ही सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया।

डीएलएसए के सचिव के प्रयासों से बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य सैयद हैदर एवं जैदु करजी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) संतोष कुमार, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासिका पूर्णिमा नायक तथा चाइल्डलाइन की कविता मिश्रा के समन्वित सहयोग से महिला एवं उसकी बच्ची को सुरक्षित रूप से अस्पताल में भर्ती कराया गया।

महिला को 17 जुलाई 2026 को बेहतर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिये रांची स्थित रिनपास (RINPAS) भेजा गया है। वर्तमान में वहां आवश्यक चिकित्सीय जांच एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया की जा रही है तथा उपचार प्रारंभ किया जाना शेष है। वहीं दो वर्षीय बच्ची का इलाज सरायकेला के सदर अस्पताल स्थित एमटीसी (बाल रोग विभाग) में चल रहा है। चिकित्सकीय जांच में बच्ची का वजन सामान्य से कम पाया गया है, जिसके कारण उसे तत्काल उपचार एवं विशेष पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस बारे में डीएलएसए सरायकेला-खरसावां ने कहा कि जरूरतमंद, असहाय एवं कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को समय पर विधिक सहायता, संरक्षण तथा आवश्यक सरकारी सेवाओं से जोड़ना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से महिला एवं उसकी बच्ची को समय पर सुरक्षा, चिकित्सीय सहायता एवं संस्थागत संरक्षण उपलब्ध कराया जा सका, जो संवेदनशील प्रशासन और प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।