जाने क्यूँ सच कभी – कभी कमजोर सा मालूम होता है , मन मेरा भी कभी…
Category: कुछ नया
बहुत अब हो गया किस्सा रूठने मनाने का
बहुत अब हो गया किस्सा मनाने रूठ जाने का। फकत अब वक्त आया है किसी ताज़ा…
प्रेम कविता ; जिनकी मोहब्बत हमारे लिये कभी सहारा थी——– उसी ने हमें जिंदगी में अकेला छोड़ दिया ।
जिनकी मोहब्बत हमारे लिये कभी सहारा थी। उसी ने हमें जिंदगी के सफर पर आकर तन्हा…
उसको कामयाब बनाने की ख्वाहिश अधूरी थी मेरी
उसको कामयाब बनाने की ख्वाहिश अधूरी थी मेरी मेरी वह अधूरी इच्छा पूरी हुई । जब…
जीवन के रंग अलसाए हैं
तुम्हारे साथ न होने से समंदर के गहराई जैसा दर्द का एहसास सचमुच मेरा जीवन कितना…