शब्द हैं बेप्राण इनको मत बुलाइए मौन की आवाज पर चढ़ पास आइए। शर्म…
Category: कुछ नया
प्रेम कविता ; दिल से हम कितना याद करते हैं उन्हें ———— हम कैसे बतायें
मीमांसा डेस्क दिल से हम कितना याद करते हैं उन्हें हम कैसे बतायें ? हम…
सुन्दरता और कुरूपता
सुन्दरता और कुरूपता दोनों सगी बहनें। कुरूपता ने चुरा लिए सुन्दरता के गहने। उस दिन से…
दान
स्मृति तक न चुकने वाला व्याजयुक्त कर्ज। हल्की स्मृति तक उधार। विस्मरण का शुभारभ्भ यात्रा आरम्भ।…