पूजा पपनेजा।
दिल्ली के राजीव चौक को दिल की धड़कन कहा जाता है , वही यहाँ लोग दूर – दूर से घूमने भी आते है यहाँ पर कई ऐसी कहानियाँ भी है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल कर रख देती है। आज हम आपसे जिस कहानी के बारे में चर्चा करने वाले है वह कहानी बेहद ही खास है।
मोहिनी – शर्मा की कहानी में क्या है खास ?
यह कहानी दिल्ली के कल्याणपुरी में रहने वाली मोहिनी – शर्मा की है। उनकी आयु 31 वर्ष है वह दिल्ली के प्रसिद्ध राजीव – चौक मेट्रो स्टेशन के पास पेंटिंग बनाने का काम करती है , वैसे तो मोहिनी – शर्मा को बचपन से ही पेंटिंग बनाने का शौक था ,लेकिन जब उनकी शादी 2012 में हुई तो उन्हें अपने पति का साथ नहीं मिला , फिर उसके बाद उनकी दो बेटियाँ हुई। जिसके बाद उनके ऊपर बहुत छोटी – सी उम्र में ही अपने बच्चों की जिम्मेदारी आ जाती है।
अपने घर को चलाने के लिये उन्हें पेंटिंग बनाने का काम शुरू करना पड़ता है, उसके बाद वह अपनी बेटियों का लालन – पोषण भी इसी पैसों से करती है ।
आज वह अपनी इस कला को अपना प्रोफ़ेशन भी बना चुकी है। इसलिए कहा जाता है कि इंसान को हमेशा अपनी कला को ज़िंदा रखना चाहिए इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि मोहिनी शर्मा से लोग दूर – दूर से पेंटिंग बनवाने भी आते है।